क्या नैनी जेल में ही हुई थी शराब पार्टी ?
प्रयागराज | नैनी जेल में शराब पार्टी की जांच शुरू कर दी गयी है। ऐडीजी के निर्देश पर बुधवार को डीआईजी जांच के नैनी जेल पहुंच गए। बात मंगलवार की है जब सोशल मीडिया पे नैनी जेल की तस्वीरें वायरल होने लगी। जिसमे बारे में यह दावा किया जा रहा है की यह तस्वीरें नैनी जेल की हैं। इस तस्वीर के वायरल होते ही हड़कंप सा मच गया है।
इन तस्वीरों में जो अपराधी नज़र आ रहे हैं वह सभी अपने हांथों में शराब की भरी गिलास पकड़े दिख रहे हैं, जो किसी ने किसी जुर्म के कारण जेल में बंद हैं। तस्वीर में यह भी साफ़ झलक रहा है की सभी अपराधी अखबार बिछा कर बैठे हुए हैं और सामने रखी प्लाटों में मुर्गा है। हालांकि इस बात की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है की यह तस्वीर किस वक्त की है। नैनी सेंट्रल जेल के भीतर इस शराब पार्टी को लेके काफी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। इस मामले को लेकर ऐडीजी चंद्र प्रकाश का यह कहना है कि फोटो जेल कि है या नहीं, इस बात में कितनी सत्यता है इस बात की जांच की जा रही है। प्रयागराज के डीआईजी जेल बीआर वर्मा को जांच का भार दिया गया हैं और २४ घंटे के भीतर रिपोर्ट मांगी गयी है। यह भी माना जा रहा है की यदि यह तस्वीर जेल की हुई तो इस मामले में सख्त कार्यवाही की जाएगी।
डीआईजी की जांच के बाद यह बात पूर्ण रूप से साफ़ हो गयी है की वायरल हुई तस्वीर जेल के अंदर की नहीं है। डीआईजी ने कहा है कि जेल कि दीवारें गेरुआ रंग कि है जबकि तस्वीर में यह साफ़ झलक रहा है कि दीवारों का रंग लाल है और साथ ही जेल कि फर्श सीमेंटेड है जबकि तस्वीर में नज़र आ रही फर्श संगमरमर से बनी हुई है। फोटो में नज़र आ रहे कैदियों से पूछताछ में भी यही सामने आया है की यह फोटो जेल के भीतर की नहीं है यदि यह तस्वीर जेल की नहीं तो कहाँ की है, इस पर भी तमाम चर्चाएं चल रही हैं। जेल के अधिकारियों का यह मानना है की जेल की छवि खराब करने के लिए किसी ने यह हरकत की है और इस पुरानी तस्वीर को जेल की तस्वीर बताया है।
इस पर आरोपियों का यह कहना है कि तस्वीर 2014 की है और लोकसभा चुनाव के बाद यह शराब पार्टी हत्यारोपी पार्षद रामकुमार के फाफामऊ के शास्त्री नगर स्थित आवास पर मनाई गयी थी।



